मंगलवार, मार्च 5, 2024

यूआरएल क्या है? What is URL? (Hindi – 2022)

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यूआरएल का फुल फॉर्म | URL Stands For What?

U RL Full form :-  Uniform Resource locator

URL क्या होता है?

यूआरएल तीन भागों से मिलकर बनता है-

  1. Protocol Designation
  2. Address or host name
  3. Resource location (file)

इंटरनेट पर करोड़ों की संख्या में websites  मौजूद  है आसान शब्दों में कहा जाए तो Uniform Resource locator एक ऐसा माध्यम है जिसके जरिए आप किसी भी वेबसाइट को  Sarch कर सकते हैं  URL तीन भागों से मिलकर बना होता है यूआरएल को आप अपनी बेबसाईट पर खुद भी बना सकते हैं यूआरएल तीन भागों से मिलकर बना होता हैं protocol designation, address or host name, resource location और हर एक वेबसाइट का अपना एक अलग URL होता है.

यूआरएल / URL

इंटरनेट पर आप जो कुछ भी search करते है तो उस web page का एक अलग यूआरएल होता है. URL को इस तरह से design किया गया है कि इसकी मदद से आप internet पर किसी भी web page को आसानी से search कर सकते हैं 

जैसे हमारी बेवसाईट का यूआरएल https://www.myhindi.tech  है. अगर  हमारी बेवसाईट पर जाना है तो इस यूआरएल को किसी भी बेव ब्राउज़र के सर्च करके जानकारी प्राप्त कर सकते है

ऐसे ही इंटरनेट पर उपलब्ध हर वेबसाइट का एक अलग यूआरएल होता हैं. और इसके बिना किसी वेबसाइट पर जाना असंभव हैं.

URL क्या काम करता है?

इंटरनेट पर उपलब्ध सभी  Website का एक यूनिक IP Address होता है जो की Numerical  होता है.

जब हम किसी भी URL को Browser में Search करते है. तो Browser उस Uniform Resource locator को DNS की मदद से IP Address में बदल देता है. और उस वेबसाइट के Server पर पहुँच जाता है और वहाँ से सुचना हमे प्राप्त कराता है.

लेकिन IP Address याद रखना बहुत ही मुश्किल होने के कारण DNS सिस्टम का उपयोग किया गया. जिससे हम किसी भी वेबसाइट तक बहुत ही आसानी से पहुँच सकते है.

जैसे- Google.com का Ip Address 216.58.194.206.  है.

तो आप सोच सकते है की इन IP Addresses को याद रखना कितना मुश्किल होता है. आप चाहे तो IP एड्रेस को Browser में सर्च करके वेबसाइट तक पहुँच सकते है.

URL के प्रकार | Types of Uniform Resource locator

  • Massy Url  यूआरएल कंप्यूटर द्वारा बनाये जाते है. इनमे बहुत ही अधिक Number और Letter का मिश्रण होता है. इनमे एक ही  Domain Name  के लिए अलग अलग वेब पेज बनाये जाते है.
  • Dynamic Url  ये किसी data query के अंतिम रिजल्ट होते है. ये Content Output प्रदान करते है. इन यूआरएल में +,$,&,? आदि Character आते है. इनका उपयोग ऐसी बेवसाईट के लिये किया जाता है जहाँ यूजर बार-बार अपनी Query बदलते रहते है.
  • Static Url  इनके नाम से ही आप समझ सकते है की ये Static होते है. कभी बदलते नहीं है. चाहे यूजर द्वारा कुछ भी Request की जाये. इन यूआरएल को Webpage’s Html द्वारा हार्ड वायर किया गया होता है.

URL के भाग

नीचे आपको Uniform Resource locator का format बताया गया है आपको Uniform Resource locator का फॉर्मेट कुछ इस तरह से देखने को मिलेगा.

protocol://www/host or address/location of resource

किसी भी यूआरएल के चार भाग होते है. जो की निम्नलिखित है

  • Protocol (HTTP):- किसी कंप्यूटर नेटवर्क के किन्ही दो नोड के मध्य डेटा संचरण करने की प्रक्रिया के संपन्न होने के नियम एक विधियों के समूह को प्रोटोकॉल कहते है. और इसका पूरा नाम हाइपर टेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल हैं और इसके आगे अगर S लगा हो तो उसका पूरा नाम हाइपर टेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल सिक्योर होता हैं. एक आसान भाषा में कहा जाये तो इंटरनेट पर डाटा Transfer करने के लिए प्रोटोकॉल का उपयोग किया जाता है.
  • Server Name (WWW):- वर्ल्ड वाइड वेब यूआरएल का दूसरा भाग होता है. प्रत्येक वेबसाइट का डाटा एक वेब सर्वर पर Store होता है. और प्रत्येक वेब सर्वर WWW से कनेक्टेड होता है.
  • File Name (Domain Name):– यह यूआरएल का तीसरा भाग होता है. इसमें सर्वर पर स्टोर फाइल का नाम बताया जाता है. जिसे Access कर Clint मशीन तक लाना होता है. जैसे- गूगल के यूआरएल में Google डोमेन नाम है. और दूसरे उदहारण में आप हमारी ही वेबसाइट को देख सकते हैं
  • File Path (Domain Extension):– यह दर्शाता है की वेबसाइट किस प्रकार की है. जैसे-.com में .com Extension है. और कई प्रकार की हो सकती हैं. जैसे com, org,.in, .xyz, .org, .net. आदि.

आईये जाने URL Shortening क्या है?

इंटरनेट पर आपने कई सारी ऐसी वेबसाइट या वेबपेजेस देखीं होगी. जिनका यूआरएल बहुत ही बडें होते है. जिनको शेयर करना पर ज्यादा लम्बी लिंक दिखती है और दिखने में भी अच्छी नहीं दिखती इसके लिये Url Shortning का उपयोग किया जाता हैं

ऐसे में हम इन URL को शेयर करने के लिए Short या छोटा करके सुंदर बनाया जाता है. इसे ही Url Shortning कहा जाता है. छोटे यूआरएल को हम कही भी शेयर कर सकते है.

इंटरनेट पर कई सारी ऐसी वेबसाइट है. जहाँ से पर अपने long URL को Short किया जा सकता हैं जैसे- BITLY, GOO.GL, OW.LY, IS.GD, TINYURL.COM.

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